क्या आप जमुनापार में एक ऐसा घर बनाने का सपना देख रहे हैं जहां आधुनिक सुख-सुविधाएं भी हों और खुली, शुद्ध हवा भी? हमें आपके लिए अपना नया प्रोजेक्ट पेश करते हुए बेहद गर्व हो रहा है, जो नार्थ ईस्ट दिल्ली में प्रीमियम प्लॉट्स की तलाश करने वालों के लिए एक बेहतरीन मौका है। आज तक लोगों को लगता था कि लग्जरी और हरियाली सिर्फ साउथ या वेस्ट दिल्ली में ही मिलती है, लेकिन हम इस सोच को पूरी तरह बदलने आ गए हैं।
हम सिर्फ जमीन का टुकड़ा नहीं बेच रहे, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए इस प्रोजेक्ट में जापान का बेहद अनोखा मियावाकी फॉरेस्ट प्रोजेक्ट शुरू कर रहे हैं। अगर आप सभापुर एक्सटेंशन प्लॉट्स में इन्वेस्ट करते हैं, तो आप सिर्फ एक प्रॉपर्टी नहीं खरीद रहे, बल्कि एक ऐसी इको-फ्रेंडली रेसिडेंशियल सोसाइटी का हिस्सा बन रहे हैं जो आपके परिवार की सेहत और खुशहाली की गारंटी है। यह दिल्ली में प्रॉपर्टी इन्वेस्टमेंट का अब तक का सबसे बेहतरीन और समझदारी भरा मौका है।
यह शानदार प्रोजेक्ट सीधे तौर पर शहरी वनीकरण की जापानी तकनीक को आपके घर के आंगन में लेकर आ रहा है, जो जमुनापार के लोगों को एक बेहतरीन ग्रीन लिविंग लाइफस्टाइल का तोहफा देगा। यह पूरी तरह से सस्टेनेबल रियल एस्टेट का एक ऐसा उदाहरण है, जहां आज की आधुनिक जरूरतें और पर्यावरण दोनों साथ-साथ चलेंगे। सबसे अच्छी बात यह है कि यह प्रोजेक्ट कनेक्टिविटी के मामले में भी नंबर वन है। अब पूरी तरह तैयार हो चुका दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे इस इलाके की रफ्तार बढ़ा रहा है, और वर्तमान में चालू हो चुका नानकसर मेट्रो स्टेशन यहां से महज 2.5 किलोमीटर की दूरी पर है। यानी अब आपको जाम और प्रदूषण की चिंता करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है!
क्या है मियावाकी तकनीक और यह कैसे बदलेगी आपकी लाइफस्टाइल?
मियावाकी पद्धति के जनक मशहूर जापानी वनस्पति वैज्ञानिक डॉ. अकीरा मियावाकी हैं। इस तकनीक में बेहद कम जगह में स्थानीय पौधों को एक दूसरे के बहुत पास-पास लगाया जाता है। पास होने की वजह से इन पौधों में सूरज की रोशनी पाने की एक नेचुरल होड़ मचती है, जिससे ये सामान्य पौधों के मुकाबले 10 गुना तेजी से बढ़ते हैं और 30 गुना ज्यादा घने हो जाते हैं।
जमुनापार के हमारे इस नए प्रोजेक्ट में जब यह घना जंगल लहलहाएगा, तो यह आपके घर के बाहर एक नेचुरल एयर-प्यूरीफायर की तरह काम करेगा। यह जंगल साधारण पार्कों के मुकाबले 40% ज्यादा कार्बन सोखता है और हवा में मौजूद खतरनाक धूल-कणों (PM 2.5 और PM 10) को रोककर आपको देता है एकदम शुद्ध ऑक्सीजन। इसके अलावा, यह घनी हरियाली गर्मियों में आपके आस-पास के तापमान को 3 से 4 डिग्री तक कम रखेगी और गाड़ियों के शोर-शराबे को सोखकर आपको देगी एक शांत और सुकून भरी जिंदगी।
दिल्ली सरकार के विजन के साथ कदम से कदम
हमारा यह कदम दिल्ली सरकार के उस बड़े विजन से मेल खाता है, जिसके तहत दिल्ली के वन विभाग द्वारा असोला भट्टी वाइल्डलाइफ सेंचुरी और कई बड़े संस्थानों में मियावाकी जंगल उगाए जा रहे हैं ताकि दिल्ली के प्रदूषण और ‘अर्बन हीट आइलैंड’ के असर को कम किया जा सके। सरकार के इसी प्रयास को आगे बढ़ाते हुए, हम इसे सीधे आपकी सोसाइटी के अंदर लेकर आए हैं। यह इस बात का सबूत है कि जमुनापार अब विकास के मामले में दिल्ली के किसी भी अन्य कोने से पीछे नहीं रहने वाला है।
बिना किसी झंझट के, हमेशा रहने वाली हरियाली
इस मियावाकी जंगल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पूरी तरह से ‘आत्मनिर्भर’ होता है। आम पार्कों की तरह इसमें न तो रोज-रोज महंगे केमिकल वाले खादों की जरूरत होती है और न ही बहुत ज्यादा पानी की। चूंकि इसमें सिर्फ वही स्थानीय पौधे लगाए जाते हैं जो दिल्ली की मिट्टी और मौसम के अनुकूल हैं, इसलिए इन्हें अलग से किसी खास देखभाल की जरूरत नहीं होती।
शुरुआती 2 से 3 सालों तक हल्की सिंचाई और देखरेख के बाद, जब इन पेड़ों की पत्तियां और टहनियां आपस में मिल जाती हैं, तो जमीन पर सूरज की सीधी रोशनी पड़ना बंद हो जाती है। इससे जमीन की नमी लॉक हो जाती है, खरपतवार नहीं उगते और यह जंगल खुद-ब-खुद बढ़ने लगता है। यह न सिर्फ जमीन के वाटर लेवल को सुधारता है, बल्कि बिना किसी मेंटेनेंस के आने वाले कई दशकों तक ऐसा ही हरा-भरा और घना बना रहता है।
हमें यह बताते हुए बेहद खुशी हो रही है कि हम पूरे नॉर्थ ईस्ट दिल्ली (जमुनापार) में पहले ऐसे डेवलपर हैं, जो एक प्राइवेट रेसिडेंशियल सोसाइटी के अंदर मियावाकी फॉरेस्ट प्रोजेक्ट लेकर आ रहे हैं। हमारा यह कदम सिर्फ दिखावे के लिए नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी शुरुआत है जो आने वाले समय में जमुनापार की बाकी सभी हाउसिंग सोसाइटीज के लिए एक नया बेंचमार्क (मिसाल) सेट करेगी। सबसे बड़ी बात यह है कि यह आलीशान और हरा-भरा माहौल हमारी आने वाली पीढ़ियों की सेहत और लाइफस्टाइल को संवारेगा। जिन्होंने भी यहाँ प्लॉट खरीदा है, वे अपनी अगली नस्लों को एक ऐसा तोहफा दे रहे हैं जहां साफ हवा और सेहतमंद जिंदगी हमेशा उनके साथ रहेगी।यह ऐतिहासिक प्रोजेक्ट एक ऐसे समय पर आ रहा है जब सभापुर एक्सटेंशन ने पिछले कुछ समय में रिकॉर्ड 300% की ग्रोथ दिखाई है। इस इलाके की किस्मत बदलने में सबसे बड़ा हाथ बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का है, जैसे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे जो अब पूरी तरह बनकर तैयार है, और नानकसर मेट्रो स्टेशन जो महज 2.5 किमी की दूरी पर पहले से ही दौड़ रहा है। इस तरक्की को चार चांद लगाने के लिए, हाल ही में दिल्ली सरकार ने जमुनापार क्षेत्र की कायापलट करने के लिए लगभग 300 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट मंजूर किया है, जिससे यहां की सड़कें, सीवर और बुनियादी ढांचा वर्ल्ड-क्लास बनने जा रहा है।
तो देर किस बात की? आज ही जमुनापार के सबसे प्रीमियम, सबसे हरे-भरे और सबसे तेजी से बढ़ते इलाके में अपने भविष्य का प्लॉट बुक करें!